गंगा स्वच्छता व पर्यावरण संरक्षण को लेकर सीडीओ की अध्यक्षता में जिला गंगा समिति व जिला पर्यावरण समिति की बैठक संपन्न


फतेहपुर। कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में सोमवार को जिला गंगा समिति एवं जिला पर्यावरण समिति की संयुक्त बैठक मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में गंगा स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की गई।
मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि नियमित रूप से घाटों की साफ-सफाई कराई जाए तथा कूड़े का उठान भी नियमित रूप से सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही आवश्यकतानुसार डस्टबिन एवं साइनेज बोर्ड लगवाए जाएं, जिससे लोग गंदगी न फैलाएं और कूड़ा डस्टबिन में ही डालें। उन्होंने शासन की मंशानुरूप प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्रीन चौपाल आयोजित करने तथा इसे ग्राम चौपाल में सम्मिलित करने के निर्देश दिए। ग्रीन चौपाल को जनसहभागिता आधारित अभियान बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, गंगा नदी की स्वच्छता एवं जैविक खेती को बढ़ावा देना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता फैले और स्थानीय लोग पर्यावरण गतिविधियों से जुड़ें। जिला पर्यावरण समिति की बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, जैव चिकित्सा अपशिष्ट, ई-वेस्ट प्रबंधन एवं सिंगल यूज प्लास्टिक की रोकथाम जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई। सीडीओ ने सिंगल यूज प्लास्टिक के विरुद्ध संवेदनशीलता के साथ नियमित जब्तीकरण कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही व्यापारियों और दुकानदारों को सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग न करने के लिए जागरूक करने तथा कपड़े और जूट के थैलों के उपयोग को बढ़ावा देने को कहा। उन्होंने डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन को सूखा और गीला कचरा अलग-अलग एकत्र कर नियमानुसार निस्तारण कराने तथा इसकी नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। आगामी वर्षाकाल में पौधरोपण हेतु भूमि चिन्हित कर रिपोर्ट देने, लगाए गए पौधों की सर्वाइवल रिपोर्ट प्रस्तुत करने और जहां पौधे जीवित नहीं हैं वहां नए पौधे रोपित करने के निर्देश दिए गए। ई-वेस्ट के संबंध में नागरिकों को जागरूक करने और इसके एकत्रीकरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। जैव चिकित्सा अपशिष्ट के सही निस्तारण को लेकर जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए गए सभी आरआरसी सेंटरों का संचालन सुनिश्चित कराया जाए तथा ग्राम पंचायत स्तर तक कूड़ा निस्तारण से होने वाली आय का लक्ष्य निर्धारित किया जाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए गए कि जनपद में पंजीकृत अस्पतालों, पैथोलॉजी व अन्य चिकित्सा संस्थानों से निकलने वाले मेडिकल वेस्ट के निस्तारण की जानकारी अस्पतालवार सूची के साथ उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में प्रशिक्षु आईएएस नौशीन, अपर जिलाधिकारी न्यायिक सुनील कुमार, डीएफओ, डीसी मनरेगा, जिला पंचायत राज अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, नामित सदस्य/संयोजक नमामि गंगे शैलेन्द्र शरण सिंपल, जिला परियोजना अधिकारी गंगा सुरक्षा समिति ज्ञान तिवारी, ईओ सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे हैं।