बहेरा सादात में इसाले सवाब की मजलिस, इंसानियत और ज़ुल्म के खिलाफ खड़े होने का संदेश


– मौलाना अबुज़र का खिताब — भाईचारे, नेक किरदार और अन्याय के विरोध पर जोर

फतेहपुर। जनपद के बहेरा सादात में मरहूम अब्बुल हसन के इसाले सवाब के सिलसिले में एक अकीदतमंद मजलिस का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत कर उन्हें खिराज-ए-अकीदत पेश किया। मजलिस का माहौल गमगीन होने के साथ-साथ रूहानी रहा, जहां लोगों ने पूरे एहतराम के साथ मरहूम की मगफिरत के लिए दुआएं कीं।
मजलिस को खिताब करने के लिए शिकोहाबाद से तशरीफ लाए आलीम-ए-दीन मौलाना अबुज़र ने अपने बयान में इंसानियत, भाईचारे और नेक रास्ते पर चलने की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हर इंसान को अपने किरदार को बेहतर बनाते हुए समाज में अच्छाई फैलानी चाहिए। साथ ही उन्होंने ज़ालिम के सामने झुकने से इनकार करते हुए ज़ुल्म का डटकर मुकाबला करने की नसीहत दी। अपने बयान में मौलाना ने मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात का जिक्र करते हुए ईरान का हवाला दिया और कहा कि वहां की जंग करबला की तर्ज़ पर लड़ी जा रही है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भर में लोग ईरान के समर्थन में आवाज़ बुलंद कर रहे हैं। मजलिस के दौरान मरहूम अब्बुल हसन को याद करते हुए लोगों ने गहरी संवेदना व्यक्त की और उनके जीवन के सकारात्मक पहलुओं को याद किया। कार्यक्रम के अंत में सामूहिक दुआ का आयोजन हुआ, जिसमें मरहूम की मगफिरत और उनके परिजनों के लिए सब्र की दुआ की गई। इस मौके पर बहेरा सादात के पूर्व प्रधान ताज आब्दी, साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार शहंशाह आब्दी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति ने आयोजन की अहमियत को और बढ़ा दिया। यह मजलिस न केवल इसाले सवाब का जरिया बनी, बल्कि समाज को इंसानियत, एकता और अन्याय के खिलाफ खड़े होने का सकारात्मक संदेश भी दे गई।