मछुआ समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करने की हुई मांग, निषाद पार्टी ने सौंपा ज्ञापन


– निषाद पार्टी बोली – शासनादेश के बावजूद गलत प्रमाण-पत्र जारी कर रहा प्रशासन

– ओबीसी प्रमाण-पत्र पर रोक की मांग, सदर विधायक चंद्रप्रकाश लोधी से विधानसभा में मुद्दा उठाने का हुआ आग्रह

फतेहपुर। निर्बल इंडियन सूचित हमारा आम दल निषाद पार्टी के जिला अध्यक्ष लोकनाथ निषाद के नेतृत्व में पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने सदर विधायक चंद्रप्रकाश लोधी को ज्ञापन सौंपकर मछुआ समाज से जुड़ी विभिन्न जातियों को अनुसूचित जाति की श्रेणी में शामिल किए जाने की मांग उठाई।
ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि उत्तर प्रदेश शासन के कार्मिक अनुभाग-2 की अधिसूचना संख्या 4(1)/2002-का-2, दिनांक 31 दिसंबर 2016 तथा शासनादेश संख्या 117/2025/1543/26-3-2025 दिनांक 16 जून 2025 एवं भारत सरकार के रजिस्ट्रार एवं आयुक्त कार्यालय की अधिसूचना दिनांक 8 जनवरी 2022 के अनुसार निषाद, केवट, मल्लाह, कश्यप, कहार, धीमर, बिन्द, बाथम, तुरैहा, गोड़िया, मांझी, मछुआ आदि जातियों को पिछड़े वर्ग की सूची से हटाकर अनुसूचित जाति में शामिल किया गया है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि इसके बावजूद जनपद एवं तहसील स्तर पर विशेष रूप से तहसीलदारों द्वारा इन जातियों को अभी भी ओबीसी प्रमाण-पत्र जारी किए जा रहे हैं, जो शासनादेशों का उल्लंघन एवं असंवैधानिक है। ज्ञापन में मांग की गई कि मछुआ समाज की सभी जातियों एवं उपजातियों को ओबीसी प्रमाण-पत्र जारी करने पर तत्काल रोक लगाई जाए, मझवार एवं तुरैहा जाति को अनुसूचित जाति का प्रमाण-पत्र जारी किया जाए एवं मछुआ समाज की जनगणना अनुसूचित जाति के रूप में कराई जाए। राज्यपाल की 31 दिसंबर 2016 की अधिसूचना के अनुसार नई संशोधित ओबीसी सूची जारी की जाए। नेताओं ने यह भी बताया कि भारत सरकार की 1950 की राष्ट्रपति अधिसूचना, 1961 के जनगणना मैनुअल और 1977 के शासनादेशों में भी मझवार, तुरैहा, केवट, मल्लाह, कश्यप, कहार, धीमर जैसी जातियों को अनुसूचित जाति के अंतर्गत दर्शाया गया है तथा दिल्ली, पश्चिम बंगाल, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड जैसे राज्यों में ये जातियां आज भी अनुसूचित जाति की श्रेणी में आती हैं। निषाद पार्टी ने विधायक से मांग की कि वे इस विषय को उत्तर प्रदेश विधानसभा में लोक महत्व के विषय के रूप में उठाएं तथा जिला प्रशासन को निर्देशित कर अनुसूचित जाति प्रमाण-पत्र जारी कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित कराएं।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष लोकनाथ निषाद के साथ ज्ञानदत्त निषाद, पंकज गौतम, रजनी निषाद, पुरुषोत्तम, सुरेश निषाद, पृथ्वी पाल, लवकुश निषाद, मनोज, ओमप्रकाश, रामखेलावन सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।