सपा नेता अब्दुल राफे का भाजपा पर बड़ा हमला, आर्यन प्रकरण को बताया सुनियोजित साजिश-

पीडीए की एकजुटता का दावा, बोले—आगामी विधानसभा चुनाव में सपा बनाएगी पूर्ण बहुमत की सरकार

फतेहपुर। उत्तर प्रदेश की सियासत में बयानबाज़ी का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी के अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश सचिव अब्दुल राफे ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मीडिया से बातचीत के दौरान अब्दुल राफे ने चौकी चौराहे की मशहूर शेषमन और आर्यन यादव प्रकरण पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह पूरा मामला भाजपा से जुड़े लोगों की सुनियोजित और प्रायोजित चाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के मामलों के जरिए समाजवादी पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। सपा नेता ने आगे कहा कि पार्टी का पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) गठजोड़ पूरी तरह मजबूत है और यही एकजुटता आने वाले चुनाव में निर्णायक साबित होगी। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता अब बदलाव चाहती है और समाजवादी पार्टी के पक्ष में माहौल बन चुका है। अब्दुल राफे ने भरोसा जताते हुए कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा विपक्ष की बढ़ती ताकत से घबराई हुई है और इसी कारण इस तरह के प्रकरण सामने लाए जा रहे हैं। बताते चलें कि फतेहपुर में चाय विक्रेता शेषमन और आर्यन यादव की दुकान में 20 फरवरी को पूर्व मुख्यमंत्री एवं सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव द्वारा चाय पिए जाने के बाद कभी फूड सेफ्टी के नाम पर तो कभी आईजीआरएस के नाम पर प्रशासन द्वारा प्रताड़ित किया गया उसके बाद अखिलेश यादव के नाम पर आर्यन यादव के साथ मारपीट कर प्रताड़ना दी गई जिसके आधार पर स्थानीय थाना सुल्तानपुर घोष में मुकदमा भी दर्ज हुआ और मामला सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव तक पहुंचा जहां शेषमन और आर्यन यादव को सपा सुप्रीमो ने चाय बनाने का सामान और एक लाख रुपए की आर्थिक मदद भी दी लेकिन इसके बाद सपा सुप्रीमो ने क्षेत्र के भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री धुन्नी सिंह पर कछुआ तस्कर, शराब एवं मोरम माफिया तक कह डाला जिसके विरोध में भाजपा नेता धुन्नी सिंह ने प्रेस वार्ता करते हुए अखिलेश यादव को चुनौती तक दी गई उसके बाद कुछ मुस्लिम समाज के लोगों ने सपा के खिलाफ बैठक कर अखिलेश यादव का पुतला तक जलाया। इस सबके बाद सपा के वरिष्ठ नेताओं द्वारा डैमेज कंट्रोल के लिए बैठक और प्रेस वार्ता तक की गई साथ ही चाय दुकान को खुलवाकर मामले को खत्म करने का प्रयास भी किया गया है। फिलहाल, इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने की संभावना है।