गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक’ के संघर्ष की पुनः बड़ी जीत

2 महीने से अपहृत नाबालिग छात्रा उत्तराखंड से बरामद, अध्यक्ष हेमलता पटेल का मेहनत लायी रंग

फतेहपुर।बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मड़राँव से पिछले दो महीनों से लापता नाबालिग छात्रा के मामले में ‘गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक’ के कड़े तेवरों और संघर्ष ने आखिरकार रंग दिखाया है। संगठन की अध्यक्ष हेमलता पटेल के नेतृत्व में किए गए पुरजोर विरोध और पुलिस प्रशासन को दिए गए अल्टीमेटम के बाद, पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए अपहृत छात्रा को उत्तराखंड के देहरादून से सकुशल बरामद कर लिया है। साथ ही पुलिस ने आरोपियों के विरूद्ध कार्यवाही शुरू कर दी है |
मामले की पृष्ठभूमि:
विदित हो कि 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा 15 जनवरी 2026 को कोचिंग जाते समय लापता हो गई थी। परिजनों ने अपहरण की आशंका जताते हुए मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन पुलिस की सुस्ती के कारण दो महीने बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं लगा था। परेशान परिजन दर-दर की ठोकरें खा रहे थे, जिसके बाद उन्होंने ‘गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक’ से न्याय की गुहार लगाई।
अध्यक्ष का कड़ा रुख और सफलता:
मामले की गंभीरता को देखते हुए अध्यक्ष हेमलता पटेल ने हाल ही में बिंदकी क्षेत्राधिकारी (सीओ) और कोतवाल से तीखी वार्ता कर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि 4 दिनों में बरामदगी नहीं हुई तो कोतवाली का घेराव कर वृहद आंदोलन किया जाएगा। इस दबाव के चलते पुलिस उसी दिन से सक्रिय हुई और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर छात्रा को उत्तराखंड से ढूंढ निकाला।
अध्यक्ष हेमलता पटेल का बयान:
छात्रा की बरामदगी पर खुशी जाहिर करते हुए हेमलता पटेल ने कहा, “यह संगठन और पीड़ित परिवार के धैर्य की जीत है। लेकिन सवाल यह है कि क्या जनता को इंसाफ तभी मिलेगा जब हम सड़कों पर उतरेंगे? पुलिस को अपनी जिम्मेदारी पहले ही समझनी चाहिए ताकि किसी मां को दो महीने तक अपनी बेटी के लिए रोना न पड़े।”
क्षेत्र में खुशी का माहौल:
छात्रा के सुरक्षित घर लौटने पर परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों में भारी उत्साह है। परिजनों ने नम आँखों से अध्यक्ष हेमलता पटेल और संगठन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गुलाबी गैंग की सक्रियता के बिना यह संभव नहीं था।