फतेहपुर। विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने किसानों की समस्याएं सुनीं और शासन की योजनाओं की जानकारी दी। बैठक का संचालन उप कृषि निदेशक ने किया। उन्होंने पिछली बैठक में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की जानकारी देते हुए किसानों से फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य रूप से कराने की अपील की। साथ ही कृषि रक्षा रसायनों और कृषि निवेश की उपलब्धता पर भी चर्चा की गई।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने पशुओं के टीकाकरण, टैगिंग और कृत्रिम गर्भाधान की जानकारी देते हुए किसानों से पशुओं को नियमित रूप से दवा देने और ईयर टैगिंग कराने की अपील की। उन्होंने बताया कि इससे आपदा की स्थिति में पशुओं की मृत्यु पर सरकार से क्षतिपूर्ति प्राप्त करने में आसानी होगी। जिला उद्यान अधिकारी ने किसानों को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना, मुख्यमंत्री फल उद्यान योजना, आरकेवीवाई और एकीकृत बागवानी मिशन की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को सब्जियों, प्याज और मसालों की उन्नत खेती अपनाकर कम लागत में अधिक उत्पादन और आय बढ़ाने के उपाय बताए। साथ ही स्प्रिंकलर सेट के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। किसान नेताओं ने भी विभिन्न समस्याएं उठाईं। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश यादव ने बिजली विभाग द्वारा जबरन स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध किया। वहीं जय कृष्ण द्विवेदी ने रावतपुर क्षेत्र में सड़क के बीच पड़े विद्युत पोल को हटाने की मांग की। इसके अलावा देवेन्द्र कुमार शुक्ला ने 33000 केवी विद्युत तार गिरने से किसानों की फसल नुकसान पर मुआवजा दिलाने की मांग उठाई। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित विभागों को सभी मामलों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके साथ ही मलवां क्षेत्र में गेहूं क्रय केंद्र स्थापित करने और क्षतिग्रस्त नाली के निर्माण की मांग पर भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य विकास अधिकारी ने किसानों से कहा कि वे अपनी शिकायतों को किसान दिवस में प्रस्तुत करें और अधिकारियों से सीधे संपर्क बनाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों की शिकायतों का मौके पर जाकर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए और किसानों के फोन कॉल का हर हाल में जवाब दिया जाए। इस अवसर पर कृषि, पशुपालन, उद्यान, विद्युत, सिंचाई सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
