– जताभिषेक, रुद्राभिषेक और सुंदरकांड के बीच हुआ बल्देवश्री सम्मान समारोह
फतेहपुर। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर बिंदकी तहसील क्षेत्र के बल्दीधाम कोइई में स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भगवान भोलेनाथ की विशेष पूजा-अर्चना, जताभिषेक, रुद्राभिषेक, सुंदरकांड, हवन-पूजन के साथ प्रसिद्ध आल्हा गायन का आयोजन हुआ।
यह आयोजन ओमराज फाउंडेशन के तत्वावधान में ग्राम महोत्सव के रूप में किया गया। प्रातः काल से ही श्रद्धालुओं द्वारा शिवलिंग पर जलाभिषेक किया गया तथा कुआरियां खिलाने के बाद दोपहर करीब एक बजे प्रसिद्ध आल्हा गायिका नेहा सिंह द्वारा आल्हा गायन की प्रस्तुति दी गई। जैसे ही बैरागढ़ की लड़ाई और ऊदल-आल्हा के शौर्य का वर्णन हुआ, हजारों की संख्या में उपस्थित श्रोताओं में जोश और ऊर्जा का संचार हो गया। कार्यक्रम के दौरान मेधावी छात्राओं को बल्देवश्री सम्मान से सम्मानित किया गया। आयोजकों के अनुसार वर्ष 2019 में 1 छात्रा, 2020 में 3, 2021 में 11, 2022 में 23, 2023 में 27, 2024 में 30 तथा वर्ष 2025 में 51 छात्राओं को यह सम्मान प्रदान किया जा चुका है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एमएलसी साकेत मिश्रा, भाजपा प्रकोष्ठ विभाग प्रभारी ओमप्रकाश श्रीवास्तव, बिंदकी विधायक जयकुमार जैकी, पूर्व विधायक विक्रम सिंह, पूर्व विधायक करण सिंह पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष अनु श्रीवास्तव सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस अवसर पर विभिन्न ग्रामसभाओं (कोढ़ई, विलन्दपुर, रारा मंगतपुर, कांधी, कोराई एवं जखनी) की वर्ष 2025 की हाईस्कूल प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण छात्राओं को ओमराज फाउंडेशन की ओर से दान राशि के चेक वितरित किए गए। साथ ही विद्या कोचिंग के संचालक गुरमीत सिंह एवं आनंद मौर्य ने चयनित छात्राओं को एसएससी फाउंडेशन बैच में एक वर्ष तक निःशुल्क तैयारी कराने की घोषणा की। ओमराज फाउंडेशन के चेयरमैन एवं भाजपा श्रम प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक राजेंद्र सिंह रज्जु भइया ने कहा कि अपनी जन्मभूमि के प्रति कर्तव्य निभाते हुए छात्राओं को सम्मानित करना उनके लिए गर्व की बात है। इससे छात्राओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है और समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल बनता है। कार्यक्रम के अंत में आए हुए सभी अतिथियों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। धार्मिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक समन्वय के इस आयोजन ने क्षेत्र में सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया।
