– चाय पर सियासत के बाद चर्चा हुई जोरों से शुरू
फतेहपुर। जिले में एक चाय विक्रेता को फूड सेफ्टी विभाग द्वारा नोटिस दिए जाने के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार और विभागीय कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला है।
सपा प्रमुख ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि फतेहपुर में ‘आत्मनिर्भर आर्यन’ नाम से चाय की दुकान चलाने वाले एक युवक की दुकान से फूड सेफ्टी विभाग ने चाय का सैंपल लिया और बाद में उसे एल्यूमिनियम के बर्तन में चाय बनाने को लेकर दुकान सील करने की चेतावनी दी। उन्होंने इसे छोटे कारोबारियों के साथ अन्याय बताया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर लिखा कि यह कार्रवाई केवल एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के खिलाफ है जो बेरोजगारी के दौर में छोटे-छोटे काम कर आत्मनिर्भर बनने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार रोजगार देने में असफल रही है और जो लोग खुद रोजगार खड़ा कर रहे हैं, उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन्होंने फूड सेफ्टी विभाग पर भ्रष्टाचार के भी आरोप लगाए और तंज कसते हुए विभाग का नाम मिलावट विभाग बदलने तक की बात कह दी। साथ ही कहा कि अगर यह मामला लखनऊ तक पहुंचता है तो देखना होगा कि संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई होती है या उन्हें संरक्षण दिया जाता है। इस बयान के बाद मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। हालांकि, इस संबंध में फूड सेफ्टी विभाग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
बताना जरूरी होगा कि बीते 20 फरवरी को एक कार्यक्रम के दौरान चौकी चौराहा स्थित शेषमन और इन्फ्लूएंशर आर्यन यादव की फेमस चाय को एक नहीं बल्कि दो कुल्हड़ चाय पीकर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शाबाशी दी थी जिसके बाद से ही सरकारी विभाग व कुछ अन्य लोग उनको परेशान करने लगे थे जिसका परिणाम ये रहा कि बीते 3 दिनों पहले फूड सेफ्टी विभाग की ओर से सैंपलिंग की कार्यवाही की गई थी जिस पर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव एवं सपा के कद्दावर नेता शिवपाल सिंह यादव आदि ने सरकार पर हमला बोला है। अब देखना होगा कि प्रशासन की प्रतिक्रिया क्या होगी?
