– चुनावी रंजिश में हुआ जानलेवा हमला, गांव में पुलिस-पीएसी तैनात
– प्रधान प्रतिनिधि रवि सिंह की आंख हुई चोटिल, केजीएमयू में चल रहा इलाज
– तनाव के चलते ग्रामीणों में दहशत, बच्चों की पढ़ाई पर भी असर
फतेहपुर। थाना सुल्तानपुर घोष क्षेत्र के पुरेकाशी (घोसिन का पुरवा) मजरे हसनपुर कसार गांव में आपसी समझौते के दौरान हुआ विवाद अचानक हिंसक झड़प में बदल गया। चुनावी रंजिश और मामूली कहासुनी के बीच एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर जानलेवा हमला कर दिया, जिसमें ग्राम प्रधान प्रतिनिधि समेत 9 लोग घायल हो गए।
घटना की शुरुआत 17 मार्च को उस समय हुई, जब गांव में गेहूं के खेत में बेर तोड़ने और आम के पेड़ की पत्तियां तोड़ने को लेकर बवाली उर्फ यूसुफ और सहादत के बीच विवाद हो गया था। मामला बढ़ने पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अनिकेत सिंह उर्फ रवि सिंह के पास दोनों पक्ष समझौते के लिए पहुंचे। बताया जा रहा है कि बुधवार शाम समझौते की बातचीत के दौरान सहादत ने प्रधान प्रतिनिधि पर पक्षपात का आरोप लगाया, जिससे माहौल अचानक गरमा गया। इसी दौरान विपक्षी पक्ष के लोगों ने पहले से तैयार होकर लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से हमला बोल दिया। हमला इतना तेज था कि मौके पर भगदड़ मच गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हमले में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अनिकेत सिंह उर्फ रवि सिंह, उनके भाई शानू सिंह सहित कुल 9 लोग घायल हुए। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां रवि सिंह की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें पहले कानपुर और फिर लखनऊ रेफर कर दिया गया। वर्तमान में उनका इलाज लखनऊ स्थित केजीएमयू में चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी बाईं आंख की स्थिति बेहद गंभीर है और उसके पूरी तरह खराब होने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। हालात को देखते हुए रात में ही स्थानीय पुलिस और पीएसी बल गांव में तैनात कर दिया गया और पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया। गुरुवार सुबह तक गांव में सन्नाटा पसरा रहा, हालांकि पुलिस की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर घटना की पूरी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। पीड़ित पक्ष के अकबर अली की तहरीर पर पुलिस ने 21 नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया है, जबकि अन्य की तलाश के लिए टीमों का गठन किया गया है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए फोन लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का सहारा ले रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि विवाद एक ही समुदाय के लोगों के बीच हुआ है और फिलहाल कानून-व्यवस्था पूरी तरह से नियंत्रण में है। गांव में शांति बनाए रखने के लिए लगातार पुलिस बल तैनात है। घटना के बाद गांव में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है। इसका असर स्थानीय प्राथमिक विद्यालय में भी देखने को मिला, जहां बच्चों की उपस्थिति सामान्य से काफी कम रही। प्रधानाचार्य के अनुसार अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई, जिसके चलते कई बच्चे स्कूल नहीं पहुंचे। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
