स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए राहत: ऐप से रोज़ाना बिजली खपत और बिल पर रखें नज़र




– एडवांस भुगतान के साथ हर 15 मिनट का मिलेगा अपडेट

– ऐप डाउनलोड करने पर टैरिफ में 2% तक छूट

– शिकायतों के निस्तारण के लिए बनेगी तीन सदस्यीय कमेटी

फतेहपुर। जनपद में विद्युत उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। अब स्मार्ट मीटर उपयोगकर्ता अपने मोबाइल फोन के जरिए बिजली की खपत, बिल भुगतान और बैलेंस की पूरी जानकारी घर बैठे प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए Uttar Pradesh Power Corporation Limited (यूपीपीसीएल) द्वारा “स्मार्ट कंज्यूमर ऐप” उपलब्ध कराया गया है।
यह जानकारी विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता अनिल वर्मा ने सोमवार को वीआईपी रोड स्थित कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी। उन्होंने बताया कि इस ऐप के माध्यम से उपभोक्ता प्रतिदिन की बिजली खपत, एडवांस जमा राशि और बिल की स्थिति पर आसानी से नजर रख सकते हैं। साथ ही हर 15 मिनट में अपडेट मिलने से उपभोक्ता अपने बिजली उपयोग को नियंत्रित कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि पहले मीटर रीडर की गलत बिलिंग के कारण उपभोक्ताओं को परेशानी होती थी और बिल ठीक कराने के लिए विभाग के चक्कर लगाने पड़ते थे। लेकिन अब ऐप के जरिए यह समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी। अधीक्षण अभियंता ने यह भी बताया कि स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण के लिए जल्द ही तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो सके।

इनसेट बॉक्स

ऐसे करें ऐप डाउनलोड:

उपभोक्ता अपने मोबाइल के गूगल प्ले स्टोर से यूपीपीसीएल का “स्मार्ट कंज्यूमर ऐप” डाउनलोड कर सकते हैं। यह ऐप हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है। मीटर से लिंक मोबाइल नंबर से लॉगिन करें, ओटीपी वेरिफाई करें इसके बाद पूरी जानकारी ऐप पर उपलब्ध होगी

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टैरिफ में मिलेगी छूट

ऐप का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को बिजली टैरिफ में 2% तक की छूट दी जाएगी। साथ ही यदि मीटर का बैलेंस समाप्त हो जाता है और बिजली कट जाती है, तो रिचार्ज के बाद दो घंटे के भीतर आपूर्ति बहाल हो सकेगी।

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ऐसे करें ऑनलाइन रिचार्ज

Uttar Pradesh Power Corporation Limited की वेबसाइट पर जाएं
“कंज्यूमर कॉर्नर” में जाकर “स्मार्ट मीटर प्रीपेड रिचार्ज” विकल्प चुनें
अकाउंट आईडी और कैप्चा दर्ज करें
भुगतान के लिए UPI या पेटीएम का विकल्प चुनकर रिचार्ज पूरा करें
इस नई व्यवस्था से न सिर्फ पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि उपभोक्ता अपने बिजली खर्च को बेहतर तरीके से नियंत्रित भी कर सकेंगे।