फतेहपुर। फतेहपुर शहर के नहर कॉलोनी क्षेत्र में ठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवारों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन ठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवार के जिला अध्यक्ष अंबिका प्रसाद के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें सैकड़ों पीड़ित परिवारों ने भाग लिया।
धरना-प्रदर्शन के पश्चात प्रदर्शनकारियों ने मुख्य न्यायाधीश एवं सर्वोच्च न्यायालय के नाम एक मांग-पत्र जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया। मांग-पत्र में भुगतान गारंटी अधिकार कानून (बॉन्ड एक्ट) 2019 के प्रभावी अनुपालन की मांग की गई। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष अंबिका प्रसाद ने बताया कि प्रदर्शन में शामिल सभी लोग विभिन्न सोसाइटियों व कंपनियों द्वारा ठगे गए भारतीय नागरिक हैं तथा बॉन्ड एक्ट 2019 के अंतर्गत निवेशक भी हैं। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम भारत सरकार द्वारा अनियमित जमा योजनाओं में हो रही आर्थिक ठगी से आम नागरिकों को बचाने एवं उनकी जमा राशि वापस दिलाने के उद्देश्य से संसद द्वारा सर्वसम्मति से पारित किया गया था, जो 21 फरवरी 2019 से पूरे देश में लागू है। उन्होंने आगे बताया कि अधिनियम के अंतर्गत पीड़ित जमाकर्ताओं को यह गारंटी दी गई है कि उनकी जमा राशि का 2 से 3 गुना भुगतान 180 दिनों के भीतर शासन द्वारा आवेदन प्राप्त होने के बाद किया जाएगा। इसके बावजूद वर्षों बीत जाने के बाद भी पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। मांग-पत्र के माध्यम से माननीय मुख्य न्यायाधीश से संविधान के अनुच्छेद 32 के अंतर्गत अधिकारों का प्रयोग करते हुए दशकों से लंबित लिक्विडेटर, सीआरसी तथा अन्य संबंधित मामलों को भंग कर दोषी संस्थाओं एवं अधिकारियों के विरुद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई करने तथा बॉन्ड एक्ट 2019 के अंतर्गत शीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराने की अपील की गई।
धरना प्रदर्शन में सूरजदीन विश्वकर्मा, राकेश कुमार साहू, राकेश कुमार, दीपक कुमार सैनी, दयाराम, रामकरण राजपूत, प्रेम कुमारी, सत्येंद्र कुमार, रुद्रपाल शर्मा, बिंदा प्रसाद, राजू, कैलाश विश्वकर्मा, मोहम्मद कलीम, राम प्रताप, चंद्रशेखर प्रजापति, लवकेश कुमार, अमृतलाल सिंह, शिव मोहन सहित बड़ी संख्या में ठगी पीड़ित लोग मौजूद रहे।
