– ढोल-नगाड़ों, पुष्पवर्षा और हजारों लोगों की मौजूदगी में जयसिंह को दी गई यादगार विदाई
फतेहपुर। सेवानिवृत्ति की विदाई तो सभी को मिलती है, लेकिन हसवा के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) जयसिंह का विदाई समारोह अपने आप में अनूठा, भावनात्मक और यादगार बन गया। सोमवार को आयोजित इस भव्य समारोह में हजारों की संख्या में ग्रामीण, शिक्षक, शिक्षिकाएं और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। ढोल-नगाड़ों की गूंज और पुष्पवर्षा के बीच शिक्षकों ने अपने प्रिय बीईओ को भावभीनी विदाई दी, जहां कई शिक्षकों की आंखें नम हो गईं।
कार्यक्रम में उपस्थित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने बीईओ जयसिंह के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में हसवा ब्लॉक में शैक्षिक गुणवत्ता, अनुशासन और पारदर्शिता को नई दिशा मिली। डायट मेंटर व हसवा प्रभारी संजीव सिंह ने कहा कि जयसिंह के कार्यकाल में विद्यालयों में नामांकन बढ़ा, शैक्षिक गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिला और शिक्षकों व अभिभावकों के बीच समन्वय और अधिक मजबूत हुआ। वक्ताओं ने कहा कि बीईओ जयसिंह का व्यवहार सरल, सहयोगी और प्रेरणादायी रहा, जिसके कारण हर वर्ग के लोग उनसे आत्मीय रूप से जुड़े रहे। प्राथमिक शिक्षक संघ हसवा ब्लॉक अध्यक्ष शैलेंद्र भदौरिया की अध्यक्षता में आयोजित इस समारोह में वक्ताओं ने उनके द्वारा कराए गए विकास कार्यों, विद्यालयों की नियमित निगरानी और बच्चों के हित में लिए गए निर्णयों को याद किया। शिक्षकों ने कहा कि जयसिंह ने हमेशा समस्याओं को गंभीरता से सुना और त्वरित समाधान किया, जिससे शिक्षकों में उनके प्रति विश्वास और सम्मान बना रहा। अपने भावुक संबोधन में सेवानिवृत्त बीईओ जयसिंह ने सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें हसवा क्षेत्र में कार्य करने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य रहा। उन्होंने कहा, “आज विदाई के समय मुझे इतना स्नेह और इतने उपहार मिले कि उन्हें कार में रखना भी कठिन हो गया। यह प्यार और सम्मान मैं जीवन भर नहीं भूल सकता।”
इनसेट बॉक्स
जिलेदार सिंह ने संभाली कमान
बीईओ जयसिंह की सेवानिवृत्ति के बाद हसवा खंड शिक्षा अधिकारी की कमान नगर शिक्षा अधिकारी जिलेदार सिंह ने संभाल ली है। उन्होंने कहा कि इस नई जिम्मेदारी में शिक्षकों का पूरा सहयोग लिया जाएगा और ब्लॉक में शैक्षिक गुणवत्ता को और अधिक बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर प्राथमिक शिक्षक संघ अध्यक्ष शैलेंद्र भदौरिया, शिक्षिकाओं में मीना कुमारी बाजपेयी, वंदना, नीलाम उमराव, सलेहा फरहा, तथा शिक्षकों में अनिल सिंह, अबु अख्तर, पुष्पेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
