आईटीआई परिसर में नौ दिवसीय मेला जारी, ‘संपूर्णता अभियान फेज-2.0’ का भी हुआ शुभारंभ



– डीएम-सीडीओ ने योजनाओं का लाभ पहुंचाने के दिए निर्देश

फतेहपुर। शासन के निर्देशानुसार प्रदेश सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आईटीआई परिसर में आयोजित नौ दिवसीय विकास मेले का जिलाधिकारी रविन्द्र सिंह एवं मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना ने निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मेले में लगे विभिन्न स्टालों का जायजा लेते हुए निर्देश दिए कि आम जनमानस को सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर अधिक से अधिक लाभान्वित किया जाए।
मेले में उद्यान, कृषि, आयुष, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, पशुपालन, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, बाल विकास एवं पुष्टाहार, महिला कल्याण, रेशम, उद्योग, बैंकिंग, सिंचाई समेत विभिन्न विभागों के स्टाल लगाए गए हैं। इन स्टालों के माध्यम से प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बाल सेवा योजना, स्पॉन्सरशिप योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है तथा आवेदन भी प्राप्त किए जा रहे हैं। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सांस्कृतिक दलों द्वारा लोकगीत और नाटक के माध्यम से सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं को रोचक तरीके से प्रस्तुत किया गया, जिससे लोगों में जागरूकता बढ़ रही है। इसके बाद आईटीआई फतेहपुर के ऑडिटोरियम में ‘संपूर्णता अभियान फेज-2.0’ का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के साथ किया गया। इस अवसर पर स्कूली छात्र-छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम को आकर्षक बनाया। जिलाधिकारी ने बताया कि नीति आयोग द्वारा 1 जुलाई 2024 से 30 सितंबर 2024 तक संचालित संपूर्णता अभियान का उद्देश्य 112 आकांक्षी जिलों एवं 500 आकांक्षी विकासखंडों में प्रमुख सामाजिक संकेतकों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करना था। फतेहपुर जनपद एवं हथगाम विकासखंड ने निर्धारित सभी 6-6 संकेतकों में पूर्ण संतृप्ति प्राप्त कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने फ्रंटलाइन वर्कर्स—आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों—को जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए प्रसव सरकारी अस्पतालों में कराने, बच्चों के टीकाकरण, पोषण वितरण एवं स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही टीबी मरीजों की पहचान कर उन्हें आवश्यक उपचार व पोषण सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने ‘स्कूल चलो अभियान’ का उल्लेख करते हुए निर्देश दिए कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। ग्राम सचिवों को छूटे हुए बच्चों को चिन्हित कर उनका स्कूल में नामांकन कराने के निर्देश दिए गए। किसानों को आय बढ़ाने के लिए गेहूं-धान के साथ मसाला फसलों की खेती अपनाने की सलाह भी दी गई। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले फ्रंटलाइन वर्कर्स को सम्मानित किया गया। इसमें 8 मानसिक मंदित बच्चों को एमआर किट, 5 एएनएम, 5 स्टाफ नर्स, 10 टीबी मरीजों को पोषण पोटली, 10 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, 13 पैरावेट/मैत्री तथा बेसिक शिक्षा विभाग के 7 बालिका शौचालयों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस मौके पर परियोजना निदेशक डीआरडीए, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, एलडीएम, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, डिप्टी सीएमओ, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, प्रधानाचार्य आईटीआई फतेहपुर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।