– 326 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सात बैचों में दिया जा रहा आधारभूत प्रशिक्षण
फतेहपुर। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग, उत्तर प्रदेश के निदेशक के निर्देशानुसार तथा कार्यालय–महानिदेशक, दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, लखनऊ के सहयोग से प्रदेशभर में नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के लिए आयोजित 7 दिवसीय आवासीय आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद में दूसरे बैच का सफल समापन किया गया। यह प्रशिक्षण क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान एवं जिला ग्राम्य विकास संस्थान फतेहपुर में संचालित किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम के तहत प्रदेश में कुल 19,424 नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशिक्षित किया जाना है। जनपद फतेहपुर में 326 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सात अलग-अलग बैचों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण का आयोजन जिला कार्यक्रम अधिकारी दीप्ती त्रिपाठी के निर्देशानुसार किया गया, जिसमें बाल विकास परियोजना अधिकारी अजय सिंह, अर्जुन सिंह, मुख्य प्रशिक्षक शिव कुमार गुप्ता, माधुरी सिंह सहित विभिन्न विषय विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण प्रदान किया। दूसरे बैच के सातवें एवं अंतिम दिन आयोजित “आंगनबाड़ी कायाकल्प” सत्र में लखनऊ से पधारे वैन लीर फाउंडेशन के वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी अनुभव गर्ग ने नीति आयोग एवं पंचायती राज विभाग के सहयोग से आकांक्षी जनपद फतेहपुर में विकसित किए जा रहे लाइटहाउस आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों को बाल-संवेदनशील बनाने, आधारभूत संरचना को मजबूत करने तथा पालकों और देखभालकर्ताओं के स्वास्थ्य व कल्याण को बच्चों के समग्र विकास से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। अंतिम सत्र में विक्रमशिला संस्था से राज्य स्तरीय प्रशिक्षक सोनल रूबी राय तथा जीवन के प्रथम 1000 दिवस परियोजना के जिला कार्यक्रम लीड अजय लावरे एवं आशीष सिंह द्वारा बच्चों की संवेदनशील परवरिश, बाल संवेदी कोनों का निर्माण, वृद्धि निगरानी एवं टीकाकरण कार्ड की विस्तृत जानकारी दी गई। वीडियो, प्रस्तुतियों, ब्रेन मैपिंग गतिविधियों एवं बाल गीतों के माध्यम से बच्चों के मानसिक, शारीरिक एवं बौद्धिक विकास से जुड़े तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिससे प्रशिक्षण अत्यंत प्रभावी एवं रोचक रहा। जिला ग्राम्य विकास संस्थान के जिला प्रशिक्षण अधिकारी सलीम खान ने बताया कि वर्तमान में नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियाँ पहले की अपेक्षा अधिक शिक्षित और दक्ष हैं उन्होंने पूरे उत्साह के साथ सात दिवसीय प्रशिक्षण में सहभागिता की और इस दौरान विभिन्न प्रकार के टीचिंग-लर्निंग मटेरियल (TLM) का भी निर्माण किया। दूसरे बैच में कुल 47 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया, जबकि आगामी पाँच बैचों में शेष 232 कार्यकत्रियों को प्रशिक्षित किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. अमित राज सिंह, दिनेश सिंह यादव सहित अन्य विशेषज्ञों का तकनीकी सहयोग भी विशेष सत्रों के माध्यम से प्राप्त हुआ। प्रशिक्षण के समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस दौरान प्रशिक्षक सोनल रूबी राय एवं वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी अनुभव गर्ग ने कहा कि नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का आधारभूत प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और प्रारंभिक बाल विकास से जुड़ी योजनाओं की सफलता की आधारशिला है। जीवन के पहले 1,000 दिन मानव विकास की सबसे महत्वपूर्ण अवधि होती है और इस समय सही मार्गदर्शन व सेवाएँ बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखती हैं। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आंगनबाड़ी व्यवस्था को सशक्त बनाकर विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में एक मजबूत कदम सिद्ध हो रहा है।
