फतेहपुर कांग्रेस ने मंच से मनरेगा पर रखी दो-टूक बात, मजदूरों के हक की लड़ाई लड़ने का संकल्प



– लखनऊ में कांग्रेस का संविधान संवाद व राज्य स्तरीय मनरेगा सम्मेलन

– मनरेगा बचेगा, संविधान बचेगा – कांग्रेस नेताओं का ऐलान

फतेहपुर। कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित संविधान संवाद एवं राज्य स्तरीय मनरेगा सम्मेलन में फतेहपुर कांग्रेस को भी भागीदारी का अवसर मिला। सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष अजय राय एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव नीलांश त्रिवेदी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस मंच से मनरेगा को लेकर फतेहपुर कांग्रेस नेताओं ने दो-टूक शब्दों में अपनी बात रखी और केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए।
फतेहपुर कांग्रेस प्रतिनिधियों ने कहा कि मनरेगा कोई भीख नहीं, बल्कि संविधान से मिला रोजगार का अधिकार है। यह योजना ग्रामीण गरीबों के लिए न केवल रोज़गार का साधन बनी, बल्कि उन्हें सम्मान और पलायन से राहत भी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार नाम बदलकर, बजट में कटौती करके और नियमों को जटिल बनाकर मनरेगा को धीरे-धीरे खत्म करने की साजिश कर रही है, जो सीधे-सीधे संविधान की भावना पर हमला है। सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मनरेगा को कमजोर करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेगी। यह योजना करोड़ों ग्रामीण मजदूरों के जीवन से जुड़ी है और इसे खत्म करना सामाजिक न्याय के खिलाफ है। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि मजदूरों के अधिकारों की रक्षा और संविधान को बचाने की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ी जाएगी। फतेहपुर कांग्रेस की ओर से कहा गया कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत की रीढ़ है। अगर इसे कमजोर किया गया तो सबसे ज्यादा नुकसान गरीब, मजदूर और किसान वर्ग को होगा। कांग्रेस ने संकल्प लिया कि “मनरेगा बचेगा, मजदूर का अधिकार बचेगा और संविधान की रक्षा होगी।” सम्मेलन में बड़ी संख्या में प्रदेश भर से आए कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने भाग लिया और मनरेगा को मजबूत करने के लिए एकजुट संघर्ष का आह्वान किया।