संगोलीपुर मोरंग खदान से दिन-रात जारी ओवरलोडिंग, प्रशासनिक सख्ती बेअसर



– शाम होते ही खनन क्षेत्र से निकलती हैं ओवरलोड वाहनों की लंबी कतारें

– जिलाधिकारी–एसपी की सख्ती के दावे, खनन क्षेत्र में हकीकत उलट

– ट्रक ही नहीं, कृषि पंजीयन ट्रैक्टरों से भी हो रहा अवैध खनिज परिवहन

फतेहपुर। खागा तहसील के किशनपुर थाना क्षेत्र स्थित संगोलीपुर मडैयन मोरंग खदान से दिन-रात धड़ल्ले से ओवरलोडिंग और अवैध परिवहन जारी है। खनन क्षेत्र से क्षमता से दोगुना अधिक मोरंग लदे सैकड़ों ट्रक सड़कों पर फर्राटा भरते नजर आ रहे हैं। इतना ही नहीं, कृषि कार्य के लिए पंजीकृत ट्रैक्टरों का भी खुलेआम खनिज परिवहन में इस्तेमाल किया जा रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, ओवरलोड वाहनों की वजह से क्षेत्र की सड़कों पर आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। गड्ढायुक्त और संकरे रास्तों पर भारी वाहनों की आवाजाही से आमजन का जीवन प्रभावित हो रहा है। स्कूली बच्चों, किसानों और राहगीरों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने कई बार उच्चाधिकारियों से शिकायत कर ओवरलोडिंग पर अंकुश लगाने और जाम की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है। हैरानी की बात यह है कि एक ओर जिला प्रशासन और शासन स्तर पर ओवरलोडिंग व अवैध परिवहन के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। कई स्थानों पर वाहनों के चालान, मुकदमे और गिरफ्तारियों की कार्रवाई भी हो रही है, लेकिन दूसरी ओर खनन क्षेत्र के उद्गम स्थल से ही खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। संगोलीपुर खदान से निकलने वाले अधिकांश वाहन बिना नंबर प्लेट, बिना वैध प्रपत्र और क्षमता से कहीं अधिक खनिज लादकर बेखौफ निकल रहे हैं। शाम ढलते ही खनन क्षेत्र से ओवरलोड वाहनों की लंबी कतारें सड़कों पर दिखाई देने लगती हैं, जो प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं। ओवरलोडिंग के ये दृश्य अब सोशल मीडिया पर लाइव तस्वीरों और वीडियो के रूप में तेजी से वायरल हो रहे हैं, जो जिला प्रशासन के दावों पर भारी पड़ते नजर आ रहे हैं। इन वायरल तस्वीरों को लोग सिस्टम की पोल खोलने वाला बता रहे हैं। हालांकि इस पूरे मामले में जिला स्तरीय अधिकारियों का रटा रटाया बयान आता है कि जांच कर कार्यवाही होगी। लेकिन अब बड़ा सवाल यह है कि जिलाधिकारी रविंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक की सख्ती के बावजूद खनन क्षेत्र से ओवरलोडिंग कैसे जारी है? क्या खनन माफियाओं को कहीं न कहीं संरक्षण प्राप्त है, या फिर निगरानी तंत्र पूरी तरह से फेल साबित हो रहा है? संगोलीपुर मडैयन मोरंग खदान से जुड़ा यह मामला प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है, जिस पर अब ठोस और दिखने वाली कार्रवाई की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

इनसेट बॉक्स

क्या बोले जिम्मेदार

इस पूरे मामले में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अविनाश त्रिपाठी ने बताया कि खनन क्षेत्र से ओवरलोडिंग और अवैध परिवहन की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।