किशोरी से दुष्कर्म प्रकरण में न्यायालय का सख्त रुख, मुकदमा दर्ज कर विवेचना का आदेश


– थाने में रिपोर्ट दर्ज न होने पर पीड़िता ने ली न्यायालय की शरण, कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज करने के निर्देश

– वरिष्ठ अधिवक्ता जावेद खान एवं साथी शोएब खान के तर्कों पर मजिस्ट्रेट ने किया आदेश

फतेहपुर। सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के एक गांव में किशोरी के साथ कथित दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने संज्ञान लेते हुए मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना किए जाने का आदेश पारित किया है।
जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली किशोरी 30 नवंबर 2025 को प्रातः लगभग चार बजे घर से शौच क्रिया के लिए गांव के बाहर जंगल की ओर गई थी। आरोप है कि उसी दौरान गांव का ही निवासी विकास पुत्र सुरेंद्र रैदास पहले से घात लगाए बैठा था। जैसे ही किशोरी वहां पहुंची, आरोपित ने उसे पकड़कर जमीन पर पटक दिया और मुंह दबाकर उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। बताया गया कि किशोरी के शोर-शराबे की आवाज सुनकर उसकी मां मौके पर पहुंच गई, जिसे देखकर आरोपित मौके से फरार हो गया। घटना के बाद जब किशोरी की मां आरोपित के घर उलाहना देने पहुंची तो वहां मौजूद पप्पू, कैलाश, राजेश पुत्रगण सुखलाल तथा विकास ने कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और मारपीट की। आरोप है कि इसके बाद उक्त लोग पीड़िता के घर में घुस आए और मारपीट करते हुए घर में खड़ी मोटरसाइकिल को भी क्षतिग्रस्त कर दिया तथा धमकी देते हुए वहां से चले गए। पीड़िता द्वारा घटना की सूचना सुल्तानपुर घोष थाना में दी गई, किंतु कथित रूप से पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसके पश्चात पीड़िता ने अपने वरिष्ठ अधिवक्ता जावेद खान एवं साथी अधिवक्ता शोएब खान के माध्यम से न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायालय अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट नंबर 1 ललिता यादव ने विद्वान अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने एवं प्रकरण का अवलोकन करने के उपरांत 9 मार्च 2026 को आदेश पारित करते हुए संबंधित थाना पुलिस को प्रकरण में अभियोग पंजीकृत कर विधिक विवेचना किए जाने के निर्देश दिए हैं।