श्री रामकथा के तृतीय दिवस पर अयोध्या सा माहौल, राम जन्मोत्सव पर बरसे पुष्प



– भय प्रगट कृपाला के जयघोष से गूंजा रामलीला मैदान, हजारों श्रद्धालु हुए भाव-विभोर

फतेहपुर। उत्तम उद्योग व्यापार मंडल, उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में आयोजित नौ दिवसीय भव्य श्री रामकथा के तृतीय दिवस पर ज्वालागंज स्थित रामलीला मैदान भक्ति और श्रद्धा से सराबोर नजर आया। कथा व्यास चंदन कृष्ण जी महाराज ने श्रीराम जन्मोत्सव का ऐसा भावपूर्ण वर्णन किया कि उपस्थित श्रद्धालु मानो त्रेतायुग की अयोध्या का साक्षात अनुभव करने लगे।
जैसे ही कथा व्यास ने भगवान श्रीराम के प्राकट्य का प्रसंग सुनाया, पूरा पंडाल “जय श्री राम” के उद्घोष से गूंज उठा। ढोल-नगाड़ों और शंखनाद के बीच भगवान के बाल स्वरूप का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव की खुशी में पुष्प वर्षा कर भक्ति का अनूठा दृश्य प्रस्तुत किया। कथा के दौरान “भय प्रगट कृपाला, दीनदयाला, कौशल्या हितकारी” और “ललनवा के भईले जनमवा, अवध में बाजे बधैया” जैसे सोहर और भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे। पूरा रामलीला मैदान भक्ति रस में डूबा हुआ दिखाई दिया। मुख्य आरती में कृष्ण कुमार तिवारी, धनंजय मिश्रा, जय किशन, अनिल महाजन, गणेश शंकर पाण्डेय, श्रवण दीक्षित और प्रेमदत्त उमराव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी अतिथियों का स्वागत प्रदेश अध्यक्ष एवं कथा संयोजक कृष्ण कुमार तिवारी ने अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर किया। कथा व्यास चंदन कृष्ण जी महाराज ने कहा कि भगवान राम का अवतार केवल राक्षसों के वध के लिए नहीं, बल्कि समाज में मर्यादा, धर्म और आदर्शों की स्थापना के लिए हुआ था। उन्होंने समाज में समरसता और सद्भाव बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब-जब धर्म की हानि होती है, तब-तब प्रभु भक्तों की पुकार पर धरा पर अवतरित होते हैं। राम का जन्म हमारे भीतर के ‘रामत्व’ को जागृत करने का संदेश देता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों के साथ माताएं, बहनें और युवा श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन को सफल बनाने में उत्तम उद्योग व्यापार मंडल के कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।