– एकता और नेकता पर जमकर हुई चर्चा, एक सुर में पत्रकार बोले अत्याचार बर्दाश्त नहीं
– शायराना अंदाज में भरा पत्रकारों में जोश, पत्रकार एकता के नारों के साथ जमकर बजी तालियाँ
एटा। जनपद के थाना व कस्बा मिरहची के एटा कासगंज मुख्य मार्ग स्थित जावित्री वाटिका में राष्ट्रीय पत्रकार सहायता संघ के तत्वाधान में आयोजित पत्रकारों की महापंचायत में एटा जिलाध्यक्ष शुभम पचौरी द्वारा कराई गयी, बैठक में एटा, कासगंज, मिरहची, मारहरा, पिलुआ से पहुँचे पत्रकारों ने पत्रकार और पत्रकारों के परिवारों की मदद करनें के साथ पत्रकारिता को बेहतर और भरोसेमंद बनाने पर जोर दिया, इस मौके पर संगठन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुनील कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष सन्मति बाबू जैन, प्रदेश उपाध्यक्ष मनीष कुमार, एटा जिलाध्यक्ष शुभम पचौरी, मानपाल सिंह, विशाल माथुर ने संगठन द्वारा किये जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला और आरपीएसएस के कार्यों की सराहना की, यही नहीं संगठन से जुड़कर पत्रकारहित में कार्य करनें की अपील करते हुये पत्रकारों से एकजुट होने का आवाहन किया । कार्यक्रम में उपस्थित पत्रकारों में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवती प्रसाद उर्फ़ बबलू चक्रवर्ती ने शायराना अंदाज में पत्रकारों में जोश भरा शेर शायरियों की बौछार करते बोले –
न समझ थे हम हर सितम सहते रहे !
हर जख्म और दर्द बेबशी में सहते रहे !!
शायद बख्श दे बेदर्द जमाना हमें !
इसी आश में घुट घुट कर जीते रहे !!
उद्बोधन की अगली कड़ी में कहा कि –
हर कदम सही दिशा में मोड़ना हैं !
हर हाथ को एक साथ जोड़ना हैं !!
कभी प्यार तो कभी क्रांति से ही सही !
सिर्फ जुल्मियों के अहंकार को तोड़ना हैं !!
यही नहीं जोशीली शायरी से पत्रकारों के अंदर जोश पैदा करने वाले क्रम को जारी रखते हुये कहा कि –
एक हो जाओ हर अन्याय के खिलाफ !
जोर जुल्म और अत्याचार के खिलाफ !!
जो बहाते रहे अब तक बेवशो का लहू !
बिगुल फूंक दो उन कायरों के खिलाफ !!
अगली कड़ी में कहा कि –
समाज खतरे में हैं, जुल्मियों की जमात हैं !
दिन कब निकले काटनी काली रात हैं !!
मरना तो सभी को हैं एक दिन दोस्त !
इसलिए बबलू ने छेड़ी बगावत की बात हैं !!
अगले क्रम में कहा कि –
जुल्म की दास्ताँ को पत्रकार लिखते नहीं हैं !
खबरें बहुत हैं फिर भी अखबार बिकते नहीं हैं !!
अत्याचार के खिलाफ तुम कलम चला कर तो देखो !
इतिहास गवाह हैं क्रांति देख दुश्मन टिकते नहीं हैं !!
अपनी कलम पर बोले –
मेरी कलम भी अजीब करामाती हैं !
दोस्त माने या दुश्मन, समझ नहीं आती हैं !!
लाख सम्हाल कर चलाने की कोशिश की हमनें !
मैं इश्क लिखना चाहता हूँ वो इंकलाब लिख जाती हैं !!
अंतिम पंतियों में बोले –
न सुर न कोई साज हैं !
न छुपाया कोई राज हैं !!
संघर्ष सम्मान की रक्षा में होगा !
बस यही RPSS का आगाज हैं !!
शायाराना अंदाज में चले राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस संबोधन को सभी ने सुना और तालियों की गड़गड़ाहट एवं पत्रकार एकता जिंदाबाद राष्ट्रीय पत्रकार सहायता संघ जिंदाबाद के नारों की गूंज से जावित्री वाटिका को गुंजायमान कर दिया | अंत में मुख्य अथिति योगेश मुदगल ने अपन विचार रख कर पत्रकार एकता का संदेश दिया तथा इसके बाद बैठक की अध्यक्षता कर रहे अमित सक्सेना द्वारा अपने अध्यक्षी उद्बोधन के बाद सभी पत्रकारों का बैठक में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेनें और सभी अथितियों के विचारों को ग्रहण कर पत्रकार एकता बनाये रखनें के लिये सभी का आभार व्यक्त करके समापन की घोषणा की गई । कार्यक्रम संचालन की जिम्मेदारी पत्रकार पुष्पेंद्र यादव द्वारा बेहद ही परिपक्त्ता के साथ निभाई गयी । इस मौके पर उपस्थित पत्रकारों में मुख्य रूप से कुलदीप महेश्वरी, योगेश मुदगल, अमित सक्सेना, सन्मति बाबू जैन, सुनील कुमार सिंह, मनीष कुमार, शुभम पचौरी, आनन्द प्रताप सिंह, अशोक कुमार, पुष्पेंद्र यादव, सुखलाल भारती, हरिकेश कुमार, मानपाल सिंह, सूरज कुमार, विशाल माथुर, कल्पेश कुमार अरुण कुमार सहित आसपास के कस्बाई और एटा कासगंज से आकार पत्रकारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
