नगर पालिका फतेहपुर में भ्रष्टाचार की जांच की मांग, कार्रवाई न होने पर मुख्यमंत्री तक जाएंगे : प्रवीण पांडेय



— सरकारी योजनाओं की लीपापोती का आरोप

— तालाब मुक्त अभियान पर भी उठाए सवाल

— जांच न हुई तो सत्याग्रह और अनशन की चेतावनी

फतेहपुर। बुन्देलखण्ड राष्ट्र समिति के केंद्रीय अध्यक्ष प्रवीण पाण्डेय ने नगर पालिका परिषद फतेहपुर में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और पक्षपातपूर्ण ठेका आवंटन की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने जिलाधिकारी को विस्तृत शिकायती पत्र सौंपा है।
प्रवीण पांडेय ने आरोप लगाया कि नगर पालिका प्रशासन सरकारी योजनाओं की लीपापोती कर रहा है और विकास कार्यों के नाम पर बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितताएं हो रही हैं। उनका कहना है कि वर्षों से अधिकांश लाभकारी ठेके एक ही ठेकेदार और उससे जुड़ी फर्मों को दिए जा रहे हैं। उन्होंने नाला सफाई, नलकूप बोरिंग, सड़क एवं नाली निर्माण, रेन बसेरा, जाड़े में अलाव व्यवस्था तथा चूना छिड़काव जैसे कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की आशंका जताई। शिकायती पत्र में हाल ही में पांच बड़े नालों की सफाई को लेकर हुए विवाद को भी कथित कमीशनबाजी का परिणाम बताया गया है। प्रवीण पांडेय के अनुसार, करीब 78 लाख रुपये के नाला सफाई कार्य और 57 लाख रुपये की प्रस्तावित पोकलैंड मशीन खरीद को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि नगर पालिका में पहले से पर्याप्त संसाधन और कर्मचारी मौजूद होने के बावजूद बाहरी ठेके दिए जा रहे हैं, जो जांच का विषय है। इसके अलावा उन्होंने नगर पालिका एवं सदर राजस्व प्रशासन पर तालाब मुक्त अभियान को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जल संरक्षण और सार्वजनिक भूमि से जुड़े मामलों में लापरवाही बरती जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो वह प्रकरण को मुख्यमंत्री स्तर तक ले जाएंगे। जरूरत पड़ने पर सत्याग्रह और अनशन कर न्याय की लड़ाई लड़ने की बात भी कही। उल्लेखनीय है कि प्रवीण पांडेय बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर लंबे समय से सक्रिय हैं और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर लगातार आवाज उठाते रहे हैं।