प्राइवेट स्कूलों द्वारा अभिभावकों का शोषण बंद हो: व्यापार मंडल


फतेहपुर। जिले में प्राइवेट स्कूलों द्वारा अभिभावकों से किए जा रहे आर्थिक शोषण को लेकर व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने जिला विद्यालय निरीक्षक से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं। व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष शिवचंद्र शुक्ल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार से भेंट कर अभिभावकों को राहत दिलाने की मांग की।
व्यापार मंडल ने कहा कि प्राइवेट विद्यालय हर वर्ष किताबें बदलकर अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाल रहे हैं। मांग की गई कि कम से कम तीन वर्षों तक एक ही पाठ्यपुस्तकों का संचालन किया जाए। साथ ही विद्यालयों द्वारा किताबें खरीदने के लिए किसी एक दुकान को निर्धारित न किया जाए और हर वर्ष प्रवेश शुल्क भी न लिया जाए। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी मांग रखी कि हर साल ड्रेस, टाई, बेल्ट, बिल्ला बदलने की परंपरा बंद की जाए और महंगे दामों वाली किताबें न लगाई जाएं। प्रत्येक कक्षा में किताबों की संख्या भी निर्धारित होनी चाहिए, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। व्यापार मंडल ने विशेष रूप से कक्षा 6 से 12 तक केवल सरकार द्वारा निर्धारित कम कीमत वाली एनसीईआरटी की किताबें ही लागू कराने की मांग की। इस पर जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि शीघ्र ही विभाग द्वारा प्राइवेट विद्यालयों के लिए इन मांगों से संबंधित दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
इस मौके पर खागा व्यापार मंडल अध्यक्ष अमिताभ शुक्ल, मीडिया प्रभारी अनुपम शुक्ल, मंत्री अशोक कुमार सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।