अलियाबाद में शिक्षामित्र ने विद्यालय में लगाई फांसी, मौत से मचा हड़कंप


– बीएलओ की संदिग्ध आत्महत्या, एसआईआर कार्य के दबाव का आरोप

– देर रात तक बड़े अधिकारियों का लगा रहा आना – जाना

बिंदकी / फतेहपुर। कोतवाली बिंदकी क्षेत्र के अलियाबाद गांव में शनिवार शाम एक शिक्षामित्र ने प्राथमिक विद्यालय के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से गांव में सनसनी फैल गई।
जानकारी के अनुसार अलियाबाद निवासी अखिलेश सविता (लगभग 40 वर्ष) पुत्र स्वर्गीय भोला सविता गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र के पद पर कार्यरत थे। वह बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) भी थे और मतदाता पुनरीक्षण (SIR) का दायित्व संभाल रहे थे। शनिवार शाम करीब 4 बजे उन्होंने विद्यालय परिसर के अंदर फांसी लगा ली। ग्रामीणों व परिजनों ने जब उन्हें लटका देखा तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन में फंदे से उतारकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिंदकी ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की पुष्टि होते ही परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी मंजू देवी व बच्चे रो-रोकर बेहाल हो गए। सूचना पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक हेमंत कुमार मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। क्षेत्राधिकारी गौरव शर्मा, तहसीलदार अचिलेश सिंह व नायब तहसीलदार सुरेश भी मौके पर पहुंचे। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए कब्जे में लेना चाहती थी, लेकिन परिजन बड़े अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे।
काफी देर तक पुलिस और परिजनों के बीच कहासुनी होती रही। अंततः परिजन शव को अपने साथ गांव ले गए। गांव में शव पहुंचते ही भारी भीड़ जुट गई। बाद में कई थानों की पुलिस फोर्स अलियाबाद पहुंची। जिस विद्यालय में घटना हुई वहां फॉरेंसिक टीम ने जांच पड़ताल की। एडीएम सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि मतदाता पुनरीक्षण (SIR) कार्य के दबाव के कारण शिक्षामित्र ने यह कदम उठाया। हालांकि पुलिस मामले की जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि मृतक की पुत्री दिव्यांशी की शादी आगामी 8 मार्च को होनी थी। शादी से पहले घर में मातम छा जाने से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। इस मामले के बाद देर रात तक अधिकारियों का आना – जाना लगा रहा वहीं कुछ लोगों का कहना रहा कि यदि न्याय नहीं मिला तो बड़ा आंदोलन भी किया जा सकता है।