– 7.5 लाख रुपए की सहानुभूति राशि परिजन को दी गई
– सरकार द्वारा 20 लाख रुपए की अलग से सहायता देने का आश्वासन
– भारी पुलिसबल और स्थानीय विधायक-पॉलिटिकल नेता मौके पर मौजूद रहे
फतेहपुर। अलियाबाद गांव के प्राथमिक विद्यालय में आत्महत्या करने वाले शिक्षामित्र अखिलेश सविता का शव रविवार को विधायक और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में परिजनों को सौंपा गया। परिजनों को 7,50,000 रुपए की सहानुभूति राशि भी प्रदान की गई। इसके अलावा विधायक ने कहा कि मृतक की पत्नी और पुत्र को सरकारी नौकरी दी जाएगी और 20 लाख रुपए की अलग से सरकारी सहायता राशि भी दी जाएगी।
जानकारी के अनुसार, अखिलेश सविता पुत्र स्व. भोला सविता गाँव के ही प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र के पद पर तैनात थे। वह बूथ लेवल ऑफिसर भी थे और मतदाता सूची पुनरीक्षण का काम देख रहे थे। शुक्रवार को उन्होंने विद्यालय के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा, जिसमें अधिकारियों द्वारा काम का दबाव बनाने की बात कही गई। उनकी पुत्री की शादी 8 मार्च को थी और शादी की तैयारियों के लिए समय न मिलने के कारण उन्होंने आत्महत्या की। शव पोस्टमार्टम के बाद सुबह करीब 11:30 बजे अलियाबाद गांव पहुंचा। परिजन शव का अंतिम संस्कार करने के लिए तैयार नहीं थे और उन्होंने प्रशासन से तत्काल वादों को पूरा करने की मांग की। ग्रामीणों और रिश्तेदारों ने हंगामा किया और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस बीच बिंदकी क्षेत्र के विधायक जयकुमार सिंह जैकी, जहानाबाद क्षेत्र के भाजपा विधायक राजेंद्र सिंह पटेल, और कांग्रेस नेता शिवाकांत तिवारी मौके पर पहुंचे। पुलिस क्षेत्राधिकारी गौरव शर्मा और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक हेमंत कुमार मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। वहीं विधायक जयकुमार सिंह जैकी ने परिजनों और ग्रामीणों को समझाने के बाद 7,50,000 रुपए की नगद सहानुभूति राशि प्रदान की। इसके साथ ही उन्होंने परिजनों को सरकार द्वारा 20 लाख रुपए सहायता और पत्नी-पुत्र को नौकरी देने का आश्वासन दिया। परिजनों की मांग पर यह आश्वासन लिखित रूप में भी दिया गया। लगभग दो घंटे बाद परिजन शव का अंतिम संस्कार करने के लिए तैयार हुए।
