फतेहपुर। विकास खंड भिटौरा अंतर्गत ग्राम पंचायत लतीफपुर और सरैला में जल जीवन मिशन के तहत संचालित योजनाओं का प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय, प्रयागराज की टीम द्वारा स्थलीय निरीक्षण एवं प्रभाव मूल्यांकन किया गया। टीम ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्धता और उससे हो रहे सामाजिक एवं आर्थिक बदलावों का आकलन किया।
निरीक्षण के दौरान टीम ने ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के पदाधिकारियों, ग्राम प्रधानों तथा ग्रामीणों से संवाद कर योजनाओं के क्रियान्वयन, जल गुणवत्ता और पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की जानकारी ली। ग्राम पंचायतों में निर्मित जल टंकियों एवं पाइपलाइन नेटवर्क के तकनीकी पहलुओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। मूल्यांकन में सामने आया कि घर-घर नल कनेक्शन पहुंचने से ग्रामीणों को नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल मिल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पहले उन्हें पानी के लिए हैंडपंपों और कुओं पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे समय और श्रम दोनों की अधिक खपत होती थी। अब घरों तक शुद्ध पानी पहुंचने से विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों को राहत मिली है। समय की बचत होने के साथ ही जलजनित बीमारियों में कमी आई है और ग्रामीणों के जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार देखा जा रहा है।
निरीक्षण टीम में प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय, प्रयागराज के विशेषज्ञ डॉ. अशोक मौर्य के साथ मुकेश कुमार कन्नौजिया, अभिजात सिंह, अभिजीत तिवारी, सौरभ सिंह शामिल रहे। मौके पर जिला समन्वयक राजमुनि यादव, अवर अभियंता पिंटू कुमार, आईएसए कोऑर्डिनेटर शिवबहादुर सिंह चंदेल, प्रोजेक्ट मैनेजर मो. सऊद सिद्दीकी, जीआईएस जितेंद्र, कंस्ट्रक्शन एजेंसी से लखेन्दर, ग्राम प्रधान सोमवती देवी, पंचायत सहायक आदित्य सिंह चौहान, ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समिति के सदस्य तथा ग्रामीण उपस्थित रहे।
