– लाभार्थीपरक जन कल्याणकारी योजनाओं से पात्रों को समय पर लाभ देने पर जोर
– सीएम डैशबोर्ड पर प्रगति रिपोर्ट समय से अपडेट करने के दिए निर्देश
– निर्माणाधीन परियोजनाओं की डीपीआर रिपोर्ट संबंधित विभाग को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने को कहा
फतेहपुर। विकास कार्यों एवं 50 लाख रुपये से अधिक लागत की निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा बैठक मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में जिलाधिकारी रविन्द्र सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने शासन की विकासपरक, लाभार्थीपरक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं को गुणवत्तापूर्ण ढंग से, चरणबद्ध तरीके से और निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित लाभार्थीपरक जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का निस्तारण शासन द्वारा तय समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों को समय से लाभ मिल सके। उन्होंने सीएम डैशबोर्ड पर सूचनाओं की समय पर फीडिंग करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अधिकारियों को छात्रवृत्ति से संबंधित आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जिन विभागों की रैंकिंग खराब है, उन्हें कार्ययोजना बनाकर सुधारात्मक कार्रवाई करने को कहा गया। अधिशासी अभियंता, जल निगम ग्रामीण को निर्देशित किया गया कि निर्माणाधीन हर जल योजना में तेजी लाते हुए कार्ययोजना के अनुसार काम पूरा किया जाए, जिससे जनपद की रैंकिंग बेहतर बनी रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन विभागों की परियोजनाओं में निर्माण कार्य चल रहा है, उनके विभागीय अधिकारी और कार्यदायी संस्थाएं समय-समय पर स्थलीय निरीक्षण करें तथा निर्माण कार्यों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की अद्यतन जानकारी संबंधित पोर्टल पर समय से अपडेट करें। संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए गए कि निर्माणाधीन परियोजनाओं की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) अनिवार्य रूप से संबंधित विभाग को उपलब्ध कराई जाए। जिलाधिकारी ने जन सूचना से संबंधित आवेदनों के निस्तारण को लेकर भी सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सभी आवेदन तय समयसीमा के भीतर निस्तारित किए जाएं और लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण कर डिफॉल्टर की स्थिति से बचा जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी, अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाओं के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
