प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस ने मनरेगा बचाओ संग्राम की तेज की धार



– गांव-गांव चौपाल लगाकर मजदूरों को जागरूक करेगी पार्टी

फतेहपुर। कांग्रेस पार्टी ने मनरेगा को लेकर सरकार पर हमला तेज करते हुए मनरेगा बचाओ संग्राम का आगाज किया है। इसी क्रम में शनिवार को कांग्रेस के ज्वालागंज स्थित जिला कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर पार्टी नेताओं ने आगे की रणनीति पत्रकारों के सामने रखी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिला अध्यक्ष महेश द्विवेदी ने कहा कि यदि सरकार को महात्मा गांधी से कोई आपत्ति है तो मनरेगा का नाम बदल दे, लेकिन गरीब मजदूरों के अधिकारों पर हमला करना कतई उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना को डॉ मनमोहन सिंह सरकार ने इस सोच के साथ लागू किया था कि गांवों में मजदूरों को काम की गारंटी मिले और उनके जीवन स्तर में सुधार हो। महेश द्विवेदी ने बताया कि जनपद में कभी एक लाख से अधिक मजदूर मनरेगा के तहत कार्यरत थे, जिन्हें 100 दिन का रोजगार मिलने की गारंटी थी, लेकिन मौजूदा सरकार इस योजना को नाम बदलने और नियमों में बदलाव के बहाने कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इसके विरोध में देशव्यापी आंदोलन चला रही है और सरकार से तीन प्रमुख मांगें कर रही है—100 दिन के काम की गारंटी, काम का समय पर भुगतान तथा न्यूनतम मजदूरी 400 रुपये प्रतिदिन किया जाना। वहीं शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आरिफ गुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार के फैसले जनविरोधी हैं, जबकि कांग्रेस हमेशा जनता के हितों की लड़ाई लड़ती रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी हर चुनौती स्वीकार करते हुए सड़क से संसद तक संघर्ष करने को तैयार है। इस दौरान मनरेगा बचाओ संग्राम के नवनियुक्त कोऑर्डिनेटर आरिफ खान ने बताया कि आने वाले दिनों में कांग्रेस कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर चौपाल लगाएंगे और मनरेगा मजदूरों को उनके अधिकारों की जानकारी देंगे, साथ ही इस आंदोलन से उन्हें जोड़ेंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पार्टी प्रवक्ता ई. देवी प्रकाश दुबे एवं आदित्य श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।