फतेहपुर। प्रदेश सरकार द्वारा मौनी अमावस्या जैसे पवित्र पर्व पर खनन गतिविधियों पर रोक लगाने के बावजूद खागा तहसील क्षेत्र में अवैध खनन खुलेआम जारी रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद खनन प्रतिबंध केवल कागजों तक सीमित साबित हुआ।
खागा तहसील क्षेत्र के किशनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत संगोलीपुर खनन खंड में पोकलेन, जेसीबी जैसी भारी मशीनों से खनन किया गया। नियमों के अनुसार इस अवधि में खनन पूर्णतः प्रतिबंधित था, बावजूद इसके यमुना नदी के किनारे खनन किया गया और नदी की सतह को नुकसान पहुंचाया गया। स्थानीय लोगों और पर्यावरण संगठनों का कहना है कि इस पूरे प्रकरण में खनिज अधिकारी की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होती है। बिना संरक्षण के इतनी बड़ी मशीनों द्वारा खनन संभव नहीं, जिससे यह संकेत मिलता है कि विभागीय मिलीभगत से नियमों की अनदेखी की जा रही है। बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पर्यावरण प्रहरी प्रवीण पांडेय ने कहा, “यमुना केवल नदी नहीं, यह हमारी सांस्कृतिक और जीवनदायिनी धरोहर है। मुख्यमंत्री के आदेशों के बावजूद मौनी अमावस्या पर बड़े पैमाने पर खनन यह दिखाता है कि खनन माफिया शासन से भी ऊपर हो चुके हैं। यदि प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई नहीं की तो संगठन सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगा।”
गंगा समग्र ने भी चेतावनी दी है कि यदि यमुना को अवैध खनन से नहीं बचाया गया तो व्यापक जन आंदोलन किया जाएगा। स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण संगठनों ने मांग की है कि दोषी खनन संचालकों और संबंधित अधिकारियों पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि शासन की विश्वसनीयता बनी रहे।
