शिव-विवाह प्रसंग से भावविभोर हुए श्रद्धालु, श्रीराम कथा में उमड़ा जनसैलाब



– शिव-पार्वती विवाह की झांकी ने बनाया भक्तिमय माहौल

फतेहपुर। उत्तम उद्योग व्यापार मंडल उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित भव्य नौ दिवसीय श्रीराम कथा के दूसरे दिन कथा पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कथा व्यास परम श्रद्धेय चंदन कृष्ण जी महाराज ने दीप प्रज्वलन और हनुमान चालीसा के पाठ के साथ कथा का शुभारंभ किया।
कथा के द्वितीय दिवस पर महाराज श्री ने ‘शिव-सती प्रसंग’ और ‘शिव-पार्वती विवाह’ का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार माता सती ने प्रभु श्रीराम की परीक्षा लेकर मोहवश कष्ट पाया। इसके बाद माता पार्वती के रूप में पुनर्जन्म लेकर भगवान शिव को प्राप्त करने के लिए की गई उनकी कठोर तपस्या के प्रसंग को सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। महाराज श्री ने कहा कि भवानी (श्रद्धा) और शंकर (विश्वास) के बिना कोई भी भक्त अपने हृदय में स्थित ईश्वर को नहीं पहचान सकता। उन्होंने बताया कि भक्ति मार्ग में बुद्धि से अधिक भाव और समर्पण की महत्ता होती है। सती का मोह बुद्धि का परिणाम था, जबकि पार्वती का समर्पण अटूट विश्वास का प्रतीक है। कथा के दौरान शिव-विवाह की भव्य झांकी भी निकाली गई, जिसमें भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। डमरू की गूंज और “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम में धनंजय मिश्र, जय किशन, श्रवण दीक्षित, अनिल महाजन, आकाश भदौरिया, संजय सिंह सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजक समिति के कथा संयोजक कृष्ण कुमार तिवारी ने बताया कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पेयजल और बैठने की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। कथा के समापन पर भव्य आरती के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।