दादूपुल व तुर्की पुल की बदहाली पर सपा नेता नरेश कोरी ने राज्यपाल के नाम सौंपा शिकायती पत्र



– सपा नेता ने भ्रष्टाचार के जांच की करी मांग

फतेहपुर। खागा विधानसभा क्षेत्र में यमुना नदी पर बने दादूपुल और उसके सहायक तुर्की पुल की जर्जर स्थिति को लेकर समाजवादी पार्टी के छात्र सभा के राष्ट्रीय सचिव एवं 243 खागा विधानसभा के भावी प्रत्याशी नरेश कोरी ने सोमवार को पत्रकार वार्ता कर राज्यपाल को संबोधित एक शिकायती पत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुल निर्माण में भारी भ्रष्टाचार हुआ है, जिसके चलते यह पुल चार बार से अधिक क्षतिग्रस्त हो चुका है और वर्तमान में अगस्त माह से बंद पड़ा है।
नरेश कोरी ने बताया कि किशनपुर और बांदा के मध्य यमुना नदी पर बनने वाले इस पुल के लिए समाजवादी पार्टी की सरकार में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा करीब 92 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था और वर्ष 2017 से पहले लगभग 20 प्रतिशत कार्य भी पूर्ण हो चुका था। आरोप है कि 2017 में भाजपा सरकार आने के बाद पुल के मानकों में बदलाव कर चौड़ाई, पिलर, अप्रोच और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता से समझौता किया गया। उन्होंने कहा कि अधूरे पुल का उद्घाटन वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले पीडब्ल्यूडी मंत्री जतिन प्रसाद द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया, लेकिन मौके पर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण नहीं किया गया। परिणामस्वरूप दादूपुल का सहायक तुर्की पुल टूट गया और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। पीडब्ल्यूडी द्वारा मरम्मत कर पुल चालू किया गया, लेकिन एक माह के भीतर ही वह फिर टूट गया। नरेश कोरी ने बताया कि वर्ष 2024 के अंत में 50 लाख रुपये तथा वर्ष 2025 में लगभग 10 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत होने के बावजूद अब तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो सका। वर्तमान में वैकल्पिक मार्ग कच्चे रास्ते से संचालित हो रहा है, जो बारिश में पूरी तरह बंद हो जाएगा। इससे खागा विधानसभा और बांदा जनपद के लगभग 500 से 800 गांव प्रभावित हो रहे हैं तथा लोगों को 50 किलोमीटर से अधिक का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है, जिससे व्यापार और आवागमन बुरी तरह प्रभावित है। उन्होंने राज्यपाल से मांग की कि दादूपुल और तुर्की पुल की उच्चस्तरीय जांच कर भ्रष्टाचार को उजागर किया जाए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, साथ ही पुल को शीघ्र चालू कराया जाए।
पत्रकार वार्ता की खबर चैनलों एवं व्हाट्सअप ग्रुपों पर प्रसारित होने के बाद शहर कोतवाली पुलिस नरेश कोरी के आवास पहुंची और उन्हें हाउस अरेस्ट किया गया। बाद में पुलिस उन्हें सिटी कोतवाली ले गई, जहां उनके ज्ञापन को पुलिस के माध्यम से राज्यपाल तक भेजे जाने की बात कही गई। इस मौके पर चंद्रमणि भास्कर एडवोकेट, कुलदीप यादव, शुगर सिंह, विजय पाल, सुरेंद्र मौर्य सहित अन्य लोग मौजूद रहे।