शिक्षामित्र अखिलेश सविता के परिजनों से मिले कांग्रेसी



– शमशान घाट पहुंचकर दी श्रद्धांजलि

फतेहपुर। बिंदकी तहसील क्षेत्र के ग्राम आलियाबाद निवासी शिक्षामित्र एवं बीएलओ अखिलेश सविता द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना के बाद कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार को उनके परिजनों से मिलने पहुंचा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष महेश द्विवेदी के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने शमशान घाट जाकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।
मृतक के चाचा रामरूप और भाई भूपेश ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि अखिलेश सविता मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य में लगे हुए थे। इसी बीच उनकी पुत्री का विवाह आगामी 8 मार्च को होना तय है। विवाह की तैयारियों के लिए उन्होंने अवकाश लेने हेतु एसडीएम बिंदकी से चार बार मुलाकात कर छुट्टी का आवेदन दिया, लेकिन उन्हें अवकाश स्वीकृत नहीं किया गया और कार्य पूरा करने का दबाव बनाया जाता रहा। परिजनों के अनुसार इसी कारण वह मानसिक रूप से काफी परेशान थे। परिजनों ने यह भी बताया कि घटना वाले दिन एक लेखपाल उनसे मिलने आया था और उसके जाने के कुछ समय बाद ही अखिलेश सविता ने आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी लेने के बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष महेश द्विवेदी ने कहा कि प्रशासनिक दबाव और उत्पीड़न के कारण मृतक को यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने मांग की कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही मृतक की पत्नी को उनके स्थान पर शिक्षामित्र की नौकरी दी जाए और घोषित मुआवजा राशि शीघ्र प्रदान की जाए, ताकि परिवार का भरण-पोषण सुचारू रूप से चल सके। कांग्रेस नेताओं ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों को पूरा कराने के लिए पार्टी हर स्तर पर संघर्ष करेगी और परिवार के साथ खड़ी रहेगी।
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में शहर अध्यक्ष आरिफ गुड्डा, उपाध्यक्ष शेख एजाज अहमद, पूर्व अध्यक्ष पप्पू पाल, एआईसीसी सदस्य राजीव लोचन निषाद, प्रवक्ता ई. देवी प्रकाश दुबे, पंडित रामनरेश महाराज और ओम प्रकाश कोरी सहित अन्य कांग्रेसी नेता मौजूद रहे।