अमेरिका डील पर अखिलेश का सवाल: क्या ‘डील’ ने सरकार की जुबान पर लगा दी है सील

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फतेहपुर। अखिलेश यादव ने अमेरिका के साथ हुई डील को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि या तो सरकार स्पष्ट करे कि समझौते में क्या हुआ, या फिर बाहरी हस्तक्षेप के दावों को साफ तौर पर खारिज करे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भाजपा की राजनीति ने देश की संप्रभुता तक गिरवी रख दी है?
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि इस डील के माध्यम से देश के नागरिकों, किसानों, कारोबारियों और मजदूरों के हितों से समझौता किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि देश में खेती कमजोर होगी, कारखाने और मिलें बंद होंगी तथा छोटे-बड़े उद्योग प्रभावित होंगे तो युवाओं को रोजगार कैसे मिलेगा और उनका भविष्य कैसे सुरक्षित होगा। यह देश के सम्मान और आत्मनिर्भरता का सवाल है। मुख्यमंत्री के जापान दौरे पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जब जापान जा ही रहे हैं तो क्योटो भी जरूर देखें, ताकि यह समझ सकें कि प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र काशी क्योटो जैसा क्यों नहीं बन पाया। उन्होंने सुझाव दिया कि जापान से विरासत संरक्षण और शहरी विकास के सकारात्मक सबक लेकर आएं। सपा अध्यक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि कार्यकाल के अंतिम वर्ष में ऐसा कौन सा अध्ययन कर लिया जाएगा जिससे नई योजनाएं धरातल पर उतर सकें। उन्होंने इसे ‘मनसुख-पर्यटन’ करार देते हुए कहा कि यदि सरकार इसे स्वीकार कर ले तो कम-से-कम सच बोलने के लिए याद रखी जाएगी।