नरौली दरगाह में मुशायरा व कवि सम्मेलन, शायरों ने दिया भाईचारे का संदेश



– सूफी संत हजरत हाशिम हुसैन की सरपरस्ती में सजा मुशायरा, कवियों ने बांधा समां

फतेहपुर। हथगाम ब्लॉक स्थित जामिया सफविया इफहामुल उलूम, हजरत शेख इफहामुल्लाह अब्बा हुजूर की दरगाह नरौली में रविवार की देर रात्रि कवि सम्मेलन एवं मुशायरा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के सरपरस्त सूफी संत हज़रत अजमत सफी अलमारूफ हाजी हाशिम हुसैन रहे। मुशायरे के कन्वीनर जाने – माने कवि एवं शायर डॉ. वारिस अंसारी तथा निजामत कवि एवं शायर शिव शरण बंधु हथगामी ने की।
मुशायरे से पूर्व हजरत हाशिम हुसैन ने सभी शायरों और कवियों का शाल भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर नौबस्ता चौकी इंचार्ज बुद्धिमान सिंह, गोरेलाल पांडेय, हथगाम थाने के उपनिरीक्षक राज बहादुर यादव, धर्मराज यादव, वरिष्ठ पत्रकार एवं साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष शहंशाह आब्दी सहित अन्य गणमान्य लोगों को भी शाल भेंट कर सम्मानित किया गया। मुशायरे का आगाज शादाब ने नाते पाक से किया। महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों से आए हजरत के मुरीदों और स्थानीय लोगों ने मुशायरे का भरपूर आनंद लिया। वहीं घाटमपुर, कानपुर से आए मशहूर शायर शरीफ शहबाज ने उम्दा शायरी पेश की, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा। कार्यक्रम का संचालन कर रहे शिव शरण बंधु हथगामी ने भी अपने कलाम से तालियां बटोरीं। सिंगर सर्वेश यादव ने पहले कवि के रूप में प्रस्तुति दी। डॉ. वारिस अंसारी की शायरी ने श्रोताओं को भावविभोर किया। वहीं शिवम हथगामी ने कौमी एकता पर आधारित कलाम प्रस्तुत कर भाईचारे का संदेश दिया। लोकभाषा में हास्य प्रस्तुति देने वाले कवि समीर शुक्ला ने सांप्रदायिक सौहार्द पर आधारित रचना सुनाई। इसके अलावा शैदा मुवारवी और रायबरेली से आए हास्य कवि संदीप शरारती ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। देर रात तक चले मुशायरे में अमन, सद्भाव और एकता का संदेश प्रमुख रूप से उभरकर सामने आया।